शीर्षक - यही हमारा है धर्म

 दिनांक 20/10/022(गुरुवार)

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शीर्षक - यही हमारा है धर्म


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क्या है अच्छा धर्म, क्या है बुरा धर्म।

यह बताता है हमको, हमारा कर्म।।

हम जीये और जीने दे सबको यहाँ।

करें अच्छे कर्म, यही हमारा है धर्म।।

क्या है अच्छा धर्म------------------।।


इंसानों से नफरत, सिखाये जो हमें।

खूनी और हिंसक , बनाये जो हमें।।

ऐसी राहों से हम , हमेशा रहे दूर।

प्यार सबको करें, यही हमारा है धर्म।।

क्या है अच्छा धर्म-------------------।।


बेसहारा गरीबों की, मदद हम करें।

नारी जाति की इज्जत,सदा हम करें।।

दीन दुःखियों अनाथों में, रब बसता है।

करें इनका भला, यही हमारा है धर्म।।

क्या है अच्छा धर्म------------------।।


अपने मतलब के लिए, नहीं भूले वतन।

हमारे खून मोहब्बत में, बसा हो वतन।।

हर कर्म हो अपना, अपने वतन के लिए।

जान वतन पे लुटाये, यही हमारा है धर्म।।

क्या है अच्छा धर्म-------------------।।





शिक्षक एवं साहित्यकार- 

गुरुदीन वर्मा उर्फ जी.आज़ाद

तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)

मोबाईल नम्बर- 9571070847

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