शीर्षक - मुझको मत दोष तुम देना

 दिनाँक 24/07/022(रविवार)

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शीर्षक - मुझको मत दोष तुम देना


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मुझको मत दोष तुम देना, क्यों ऐसा कर रहा हूँ मैं।

नहीं काबिल तुम मेरे , क्यों ऐसा कह रहा हूँ मैं।।

मुझको मत दोष तुम-------------------।।


करता था तेरी तारीफ, समझा मजबूर तूने मुझको।

पवित्र नहीं तुम्हारा दिल, बता जो अब रहा हूँ मैं।।

मुझको मत दोष तुम---------------------।।


लगाये मुझपे बहुत आरोप, जबकि बहुत तू है दोषी।

नहीं अच्छा अदब तेरा, यह सच क्यों लिख रहा हूँ मैं।।

मुझको मत दोष तुम---------------------।।


माना था अच्छा दोस्त तुमको,तुमने माना मुझको दुश्मन।

तू ही तो है मेरा दुश्मन, गलत क्या कह रहा हूँ मैं।।

मुझको मत दोष तुम---------------------।।


करता था तेरी गुलामी, करता था तेरा इन्तजार।

बन गया क्यों जी आज़ाद, नफरत क्यों कर रहा हूँ मैं।।

मुझको मत दोष तुम---------------------।।





शिक्षक एवं साहित्यकार-

गुरुदीन वर्मा उर्फ जी.आज़ाद

तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)

मोबाईल नम्बर - 9571070847

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