कान्वेंट विद्यालयों को मात देता प्राथमिक विद्यालय टीकर
कान्वेंट विद्यालयों को मात देता प्राथमिक विद्यालय टीकर
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देवरिया संवाद,(डा0पंकज प्राणेश )
रंग-विरंगे फूलो से सुसज्जित परिसर,कक्षा कक्ष के दीवारों पर बने आकर्षक व प्रेरणादायी चित्रकारी,स्वच्छ व सहज वातावरण मे मैट पर बैठकर अध्ययन करते बच्चे,सरकारी विद्यालयों के लिए लागू परिधान के साथ टाई और बेल्ट धारण किए हुए बच्चे जब अंग्रेजी मे बाते करते,संस्कृत के श्लोकों का सस्वर उच्चारण करते, पाठ्यक्रम में समाहित गणित विषय के प्रश्नों को आसानी से हल करतें और गतिविधि करने के दौरान जब खिलखिलाकर हंसते तब ऐसा लगता है कि हम किसी कान्वेंट विद्यालय के परिसर में खड़े है।जी हां,हम बात कर रहे है है जनपद देवरिया के भागलपुर विकास खण्ड के टीकर न्यायपंचायत मे स्थित प्राथमिक विद्यालय टीकर का।यह विद्यालय जिला मुख्यालय से लगभग तीस किलोमीटर की दूरी पर दक्षिण दिशा मे स्थित है।यह विद्यालय अत्यंत पिछड़े इलाके मे स्थित है।बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित इस परिषदीय विद्यालय की बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में एक अलग पहचान है।यहा के प्रभारी प्रधानाध्यापक राकेश सिंह सहित कुल तीन शिक्षक कार्यरत है।यहा कार्यरत इन तीन शिक्षकों ने ही संकल्प के साथ अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन किया है और परिणामस्वरूप बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।
यहाँ के शिक्षको के स्तुत्य प्रयास की सराहना ग्रामवासी भी करते है।कायाकल्प के तहत टाइलीकरण, मल्टीपल हैडवास, मोटर और पानी की टंकी,पोषण वाटिक का निर्माण तथा विद्युतिकरण से सम्बन्धित कराए गये कार्य प्रशंसनीय है।सभी शिक्षण कक्षों मे समय सारिणी के अनुसार कक्षा का संचालन, प्रधानाध्यापक की देखरेख मे सभी अध्यापकों द्वारा नियमित बनाए जा रहे शिक्षक डायरी और प्रत्येक बच्चों को नियमित दिये जा रहे गृह कार्य के वजह से यहा के विद्यार्थियों की शैक्षिक गुणवत्ता उच्च कोटि की है और कक्षा कक्ष की साज सज्जा भी अनुकरणीय है।
इस विद्यालय को सजाने और सवारने मे ग्राम प्रधान रिंकी देवी
और विद्यालय प्रबन्ध समिति की अध्यक्ष बिगनी देवी सहित सभी सदस्य समय-समय पर अपना सहयोग प्रदान करते है।इस विद्यालय में प्रार्थना सभा का आयोजन ध्वनि विस्तारक यंत्र पर कराया जाता है और प्रार्थना सभा मे ही प्रेरक कहानी,समान्य ज्ञान आदि पर शिक्षकगण बच्चों के मध्य चर्चा करतें।इस विद्यालय मे बाकायदे बाल संसद का भी गठन किया गया है और प्रत्येक शनिवार को बालसभा का आयोजन भी किया जाता।शासन द्वारा अनुमन्य सभी प्रकार की पंजिकाए भी अद्यतन हैं।
मध्यान्ह भोजन योजना के अन्तर्गत मीनू के अनुसार यमडीयम बनाया जाता और नियमानुसार फल तथा दूध का वितरण किया जाता।यहा के प्रभारी प्रधानाध्यापक राकेश सिंह विद्यालय अवधि के पूर्व ही विद्यालय पहुचकर आवश्यक तैयारी करा लेते है।बच्चों द्वारा विविध पौधों के परित्यक्त पत्तों से तैयार की हुई चित्रकरी,पोस्टर पर बनाए गये श्लोगन और शिक्षको द्वारा हस्तनिर्मित टीयलयम से भरे शिक्षणकक्ष बरबस ही किसी का भी ध्यान आकृष्ट कर लेते।यहा कार्यरत स0अ0 अंकुर जायसवाल और शिक्षा मित्र सुमन दूबे भी अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान निरंतर देते है।
सही मायने मे यह विद्यालय अन्य विद्यालयों के लिए प्रेरणा का स्रोत और ऐसे ही शिक्षकों के सद्प्रयास से बेसिक शिक्षा परिषद गौरवान्वित है।हालाकि विकास खण्ड के अन्तर्गत स्थित पडरी गुरूराव, रेवली, भागलपुर, घूघा,नेनुआ, बगही,सतराव, कसिली,नरियाव,मौनागढवा और पनिका ग्रामों में स्थित परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों ने सीमित संसाधनों और प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद भी बेहतर प्रयासकर समाज मे यश के भागी बने है।

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