शीर्षक- खुश रहे आप आबाद हो

 दिनाँक 21/06/022(मंगलवार)

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शीर्षक- खुश रहे आप आबाद हो


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आज के बाद अब कब होगा मिलन।

ना मालूम हमें, ना मालूम तुम्हें।।

क्या कहे आपसे,आज के दिन हम।

कहना चाहेंगे बस यही तुम्हें।।

खुश रहे आप आबाद हो।आप ऐसे सदा मुस्कराते रहे।।

आज के बाद अब-----------------।।

कोई बात नहीं, आप कह नहीं सके।

मौसम आज कुछ ऐसा ही है।।

आँखों में अश्क है, आप मजबूर है।

हाल हमारा भी कुछ ऐसा ही है।।

यह तो रिवाज है, एक ईमान है।

और निभाता है इसको हर कोई।।

आज हम भी निभाकर अपना धर्म।

कहना चाहेंगे तुमसे हम तो यही।।

खुश रहे आप आबाद हो। आप ऐसे सदा मुस्कराते रहे।।

आज के बाद अब-----------------।।

हर किसी को मिला है अवसर यहाँ।

और संजोते है अपने सपने सभी।।

छोड़ दो तुम मगर करना वहम।

कि मुकम्मल हो अपने ख्वाब सभी।।

जिंदगी को जीवो फूलों की तरहां।

कांटों में भी रहकर मुस्कराना।।

चाहे समझो हमें तुम गलत आदमी।

फिर भी यही है तुमसे हमारा कहना।।

खुश रहे आप आबाद हो।आप ऐसे सदा मुस्कराते रहे।।

आज के बाद अब-----------------।।

कैसे भूलेंगे हम आपको हे दोस्त।

हमको आवोगे याद तुम हर दिन।।

साथ बिताये पल और यह प्यार।

साथ हम जो रहे यहाँ जितने दिन।।

हम तो करते नहीं यह उम्मीद कभी।

आप भूल जायेंगे इस मिलन को कल।।

हम तो लिखते रहेंगे ये गीत- खत।

और करेंगे दुहाएँ यही हर पल।।

खुश रहे आप आबाद हो। आप ऐसे सदा मुस्कराते रहे।।

आज के बाद अब-----------------।।





शिक्षक एवं साहित्यकार- 

गुरुदीन वर्मा उर्फ जी.आज़ाद

तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)

मोबाईल नम्बर- 9571070847

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