शीर्षक- हमको है सिर्फ अपने वतन के लिए जीना

 दिनांक - 21/01/022(शुक्रवार)

-------------------------------------------

शीर्षक- हमको है सिर्फ अपने वतन के लिए जीना


-----------------------------------------------

हमको है सिर्फ अपने वतन के लिए, जीना और मरना।

सदा चले हम वतन की राह, यह मकसद हो अपना।।

हमको है सिर्फ़ अपने ----------------।।



पैदा हुए हैं इस माटी में, खेले और इसपे बड़े हुए।

इसके ही साये में अपने सपने, सारे साकार हुए।।

नमन करें इस धरती को , वादा इससे हमेशा निभाना।

हमको है सिर्फ अपने--------------।।



जीने का नहीं हक उनको, जो बांट रहे हैं अपना वतन।

खून बहाकर मजहब के लिए,जो लूट रहे हैं यहाँ अमन।।

करते हैं जो सौदा वतन का, उनको अब है मिटाना।

हमको है सिर्फ अपने--------------।।



मिट जाये हम इसके लिए, जिंदा रहे यह अपना वतन।

शान नहीं हो इसकी कम, गुलज़ार रहे यह अपना चमन।।

मिटे नहीं अरमां शहीदों के, साकार उनके सपनों को करना।

हमको है सिर्फ अपने -----------------।।





रचनाकार एवं लेखक- 

गुरुदीन वर्मा उर्फ जी.आज़ाद

तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)

मोबाईल नम्बर- 9571070847

Comments

Popular posts from this blog

बिजनौर मे अवैध खनन रोकने के लिए आरटीओ एवं खनन निरीक्षक द्वारा भागूवाला चेक पोस्ट पर किया गया प्रवर्तन कार्य, 07 वाहनों का किया गया चालान

पुस्तक समीक्षा " काव्य साधना "

प्रेस मैटर* *राष्ट्रीय साझा काव्य संकलन *काव्यांगन*का हुआ विमोचन*