भारत भूमि

 भारत भूमि 


भारत भूमि की शान पर जान भी हम लुटा देंगे ।

हिमालय की गोद के लिए शीश भी हम कटा देंगे ।

नहीं यहाँ किसी जांत-पांत 

रंग-भेद या धर्म मज़हब से वास्ता हमें ।

हें एकता सूत्र में बंधे सभी भारत वासी हम।

यहाँ प्रकृति भी देती नित नए - नए उपहार हमें ।

साधु-संतो का लगता यहाँ तांता हैं ।

राम-कृष्ण भी इसी भूमि में जन्म लेते हैं । 

माँ की ममता के लिए हैं इंसान से देवता भी हैं  तरसते ।

हें यहाँ कि मिट्टी इतनी पावन गंगा, जमुना, सरस्वती भी यहीं बहती

इस भारत भूमि में फिर  आने को दिव्य आत्मायें कठोर तपस्या करती रहती हैं ।

भारत भूमि के लिए यहाँ बच्चा-बच्चा भी अपना शीश कटा दे।

ऐसी पवित्र, निर्मल ,भारत भूमि हैं हमारी ।🙏🙏

☆ निर्मला सिन्हा 

☆डोंगरगढ़ छत्तीसगढ़

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