शीर्षक-हे राम आपका अभिनंदन

 शीर्षक-हे राम आपका अभिनंदन



हे,दिव्य प्रभा अभिनंदन,

हे,दिव्य दिवस अभिनंदन,

हुई अयोध्या पुनः दिव्यमय,

हे,राम आपका अभिनंदन।

कोटि-  कोटि   अभिवंदन!

नवल  प्रात  की आभा से,

सरयू  की  पावन  धारा  से,

भावो के  पूर्ण  समर्पण  से,

हे,दशरथ नंदन अभिनंदन!

है कोटि-कोटि अभिवंदन!!

विह्वल,अह्लादित है जन-जन,

पूरित आशा सज गए स्वप्न,

अनगिन दीप जले मन -मन,

हे, सिया -राम शुभ अभिनन्दन !

है कोटि -कोटि शुभ अभिवंदन!

दिव्य भूमि का पूजन दिवस

विजय दिवस -सा खिला हर्ष,

मंगल, पावन, सुखद प्रहर,

हे! परम् पुरुष , हे !पुरुषोत्तम,

हे, राम आपका अभिनन्दन।

है, कोटि -कोटि अभिवंदन!


नीरजा बसंती,वरिष्ठ कवयित्री व

शिक्षिका,गोरखपुर-उत्तर प्रदेश 

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