मिश्रा बाबा के महाप्रयाण(महापथ गमन )के एवज में 17वीं को होगा भंडारा* ---
*मिश्रा बाबा के महाप्रयाण(महापथ गमन )के एवज में 17वीं को होगा भंडारा*
---
*स्वामी अड़गड़ानन्द महराज ने नारद बाबा को सक्तेशगढ़ भेजा*
---
*सुगम प्रहरी समाचार न्यूज़ रविंद्र कुमार सिटी ब्यूरो चीफ मिर्जापुर*
उत्तर प्रदेश मिर्जापुर । अपने आश्रम के संतों पर पुत्रवत कृपा रखने वाले शिखरस्थ सन्त *स्वामी अड़गड़ानन्द जी महराज* के निर्देशन में आश्रम के ही सन्त *श्री योग दर्शनानन्द जी महराज (मिश्रा बाबा)* के महाप्रयाण के एवज में 30 सितंबर को भंडारा का आयोजन किया जाएगा । इसके निमित्त स्वामी अड़गड़ानन्द जी महराज ने फरीदाबाद से *नारद बाबा* को सक्तेशगढ़ भेज दिया है और यहां आते ही नारद बाबा भंडारे की व्यवस्था में दत्तचित्त भाव से लग गए हैं।
उल्लेखनीय है कि स्वामी अड़गड़ानन्द जी महराज इन दिनों फरीदाबाद स्थित आश्रम में है। 14 सितंबर को मिश्रा बाबा के महाप्रयाण के कारण संतों के निमित्त होने वाले सत्रहवीं कार्यक्रम में स्वयं आने के लिए वे उत्सुक थे लेकिन स्वास्थ्य-कारणों से जब चिकित्सकों ने मना किया तब उन्होंने नारद महराज को यहां भेज दिया है। नारद महराज आते ही संतों के निर्वाण के 17वें दिन होने वाले कार्यक्रम की व्यवस्था में लगे हैं। 30 सितंबर को पूर्वाह्न सत्संग कार्यक्रम होगा और *यथार्थ गीता* का वितरण किया जाएगा। इसके बाद मध्याह्न 12 बजे से भंडारा शुरू होगा जो दिन ढलने तक सायं तक चलेगा।
उल्लेखनीय यह भी है कि सक्तेशगढ़ आश्रम भंडारा और यथार्थ-गीता के वितरण की दृष्टि से सर्वोत्कृष्ट आश्रम है। स्वामी अड़गड़ानन्द जी के प्रवास के दिनों में तो यहां भव्य भंडारा अनिवार्य रुप से होता है। महराज अपने सत्संग के दौरान आसपास के लोगों से शाम को भी प्रसाद लेने के लिए आमंत्रित करते हैं। इसके अतिरिक्त कोई श्रद्धालु उन्हें किसी कार्यक्रम के लिए अपने यहां ले चलने के लिए कहता है तो महराज सिर्फ यहीं कहते हैं कि चलूंगा तो जरूर लेकिन भंडारा अवश्य होना चाहिए। इसमें महराज का निहितार्थ झलकता है कि भंडारा सामाजिक सद्भाव, एकता और समन्वय बनाने का प्रमुख मार्ग है।

Comments
Post a Comment