बरसात के मौसम में शहर की सफाई व्यवस्था चौपट, जिम्मेदार बने है लापरवाह*

 *बरसात के मौसम में शहर की सफाई व्यवस्था चौपट, जिम्मेदार बने है लापरवाह*       


                                                              *आकाश कर्णवाल चांदपुर:-* शासन-प्रशासन ने कोरोना काल में सभी निकायों और ग्राम पंचायतों में गंदे पानी की निकासी के लिए बने छोटे-बड़े नालों की सफाई के निर्देश दिए थे, लेकिन पिछले दिनों हुई बारिश में सड़कों पर नालों से निकली गंदगी ने सरकारी दावों की पोल खोल दी है। मानसून की शुरुआती बरसात ने निकायों के नालों की तलीझाड़ सफाई की हकीकत सामने आ गई है।।                                                                           शहर की सफाई व्यवस्था चरमराने लगी है। नपा के स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता से वार्डों में नियमित सफाई नहीं हो रही है तो दवा छिड़काव में भी कोताही बरती जा रही है। बारिश में डायरिया समेत गंभीर बीमारियों का अंदेशा बढ़ता जा रहा है। नपा के मौजूदा व्यवस्था को लेकर वार्ड पार्षदों के साथ-साथ मोहल्लेवासियों में आक्रोश भी है।।                                           

 *सफाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च* 

सफाई के नाम पर लाखों रुपए खर्च होने के बाद भी व्यवस्था में सुधार नजर नहीं आ रहा है। वार्डों में कचरे के ढेर व नालियाें के बाहर आता कचरा इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। नगरपालिका गंभीरता से नही ले रहा है। उल्टा शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था को नजर अंदाज कर सफाई व्यवस्था को सही बता रहे हैं।

 *बरसात के मौसम में बिगड़ जाती है व्यवस्था* 

शहर व नगर में हर जगह दिख रहे गंदगी के ढेर- बारिश के बाद भी शहर की सफाई व्यवस्था नहीं सुधर रही है। शहर के अधिकांश क्षेत्रों में नालियां जाम की शिकायत हैं। हालात ऐसे हैं जगह-जगह सड़कों पर ही कूड़ा डंप किया जा रहा है। न तो शहर के मध्य बहने वाले गंदे नाला की अब तक सफाई हो पाई है, न ही मोहल्लों से कूड़ा उठाया जा रहा है। लोगों की माने तो नियमित सफाई व कचरा का उठाव नहीं होने से गंदगी बढ़ती जा रही है। जो गंभीर बीमारियों की संभावना को बढ़ा रहे हैं।

 *कभी भी फुट सकता है लोगों का आक्रोश* 

कभी भी फूट सकता है आक्रोश- सरायरफी से शहर के मध्य होकर निकल रहा गंदा नाला शुरुआत में ही गंदगी से पटा हुआ है। सरायरफी के पीछे काफी नाले बने हुए है, धनोरा रोड पर नालों की हालत दयनीय होती जा रही है, मोहल्ला पतियापडा का भी बुरा हाल। नालो का गन्दा पानी, नाले में गंदगी और मलबा इतनी बड़ी मात्रा में जमा हुआ है कि तेज बारिश में जलभराव होने से इंकार नहीं किया जा सकता। सफाई व्यवस्था के बारे में सरायरफी में रहने वाले लोगों की माने तो माह में एक दो बार सफाईकर्मी काम करते दिखाई दें तो बहुत है। धनोरा रोड पर मोहोल्ला सरायरफी सड़क किनारे ही बने नाले में भयंकर कचरा फैला रहता है। शहर के लगभग सभी वार्डों में सफाई के मामले में विभागीय लापरवाही देखने को मिल रही है। ऐसे में आमजनों का गुस्सा कभी भी नपा अधिकारियों पर फूट सकता है।

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