शीर्षक - उन माँ-बाप को भूला दिया

 शीर्षक - उन माँ-बाप को भूला दिया


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उन माँ-बाप को भूला दिया, जन्म जिन्होंने हमको दिया।

मान लिया बोझ उनको, पालन- पोषण जिन्होंने किया।।

उन माँ-बाप को भूला दिया------------------।।


हमारे जन्म से पहले उन्होंने , सपनें कितने संजोये होंगे।

देने को हमको जन्म उन्होंने, दुःख-दर्द उन्होंने सहे होंगे।।

यह हमने क्यों नहीं सोचा, उनको हमने ठुकरा दिया।

मान लिया बोझ उनको, पालन-पोषण जिन्होंने किया।।

उन माँ-बाप को भूला दिया----------------।।


कर्जा उन्होंने लिया होगा, हमको शिक्षा दिलाने में।

भूखे- प्यासे सोये होंगे, हमको काबिल बनाने में।।

जब हम पैसा कमाने लगे तो, कर्ज उनका भूला दिया।

मान लिया बोझ उनको, पालन-पोषण जिन्होंने किया।।

उन माँ-बाप को भूला दिया-----------------।।


रहने लगे हम उनसे अलग, शादी हमारी होने पर।

भूल गए उनकी सेवा हम, असहाय उनके होने पर।।

भगवान है माँ- बाप तो, संस्कार हमने यह भूला दिया।

मान लिया बोझ उनको, पालन-पोषण जिन्होंने किया।।

उन माँ-बाप को भूला दिया-----------------।।





शिक्षक एवं साहित्यकार-

गुरुदीन वर्मा उर्फ जी.आज़ाद

तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)

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