शीर्षक - देखकर सूरत खूबसूरत

 दिनांक 30/09/022(शुक्रवार)

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शीर्षक - देखकर सूरत खूबसूरत


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देखकर सूरत खूबसूरत, फिदा उस पर मत होना।

बदल जाती है सूरत तो,पागल उस पर मत होना।।

देखकर सूरत खूबसूरत----------------।।


दिल को कौन जानता है, रहता है पर्दा इस पर तो।

मगर हे दोस्त खिलौना तू ,किसी दिल का मत होना।।

देखकर सूरत खूबसूरत---------------।।


चाहत हो दिल को दौलत की,महल हो मंजिले- इश्क।

ख्वाब उस दिल का आँखों में, कभी भी तू मत बोना।।

देखकर सूरत खूबसूरत----------------।।


हंसता हो जो दिल तुम पर, देखकर तेरी बदनामी।

उसके नजदीक मेरे दोस्त, कभी भी तू मत होना।।

देखकर सूरत खूबसूरत------------------।।


शातिर- चालाक दिल के लिए, बहाना नहीं आँसू तू।

आबाद नहीं उससे होगा तू ,बर्बाद उस पर मत होना।।

देखकर सूरत खूबसूरत----------------।।





शिक्षक एवं साहित्यकार- 

गुरुदीन वर्मा उर्फ जी.आज़ाद

तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)

मोबाईल नम्बर- 9571070847

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