शीर्षक - तेरी जिन्दगानी तो मेरी जैसी नहीं होगी

 दिनांक 23/08/022(मंगलवार)

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शीर्षक - तेरी जिन्दगानी तो मेरी जैसी नहीं होगी


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तेरी जिन्दगानी तो, मेरी जैसी नहीं होगी।

तेरी कहानी तो,मेरी जैसी नहीं होगी।।

तेरी जिन्दगानी तो----------------------।।


मिल जायेगी तुमको, सुविधाएं सारी।

होगी मुझसे ज्यादा, दौलत तुम्हारी।।

फिर भी तेरे चेहरे पर, हंसी नहीं होगी।

खुशी तेरी लेकिन, मेरी जैसी नहीं होगी।।

तेरी जिन्दगानी तो-----------------------।।


महफ़िल में होंगे तेरे, दोस्त हजार में।

लगे होंगे इश्तिहार, तेरे बाजार में।।

फिर भी तेरी इज्जत, कुछ नहीं होगी।

शान तेरी लेकिन, मेरी जैसी नहीं होगी।।

तेरी जिन्दगानी तो-----------------------।।


करोगे गुलामी तुम, पाने को मोहब्बत।

बेचोगे अपना घर, पाने को शौहरत।।

राह तेरी यह लेकिन , बर्बादी की होगी।

कीमत तेरी लेकिन, मेरी जैसी नहीं होगी।।

तेरी जिन्दगानी तो-------------------------।।





शिक्षक एवं साहित्यकार -

गुरुदीन वर्मा उर्फ जी.आज़ाद

तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)

मोबाईल नम्बर- 9571070847

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