शीर्षक - गोविंद से बड़ा होता गुरु है

 दिनांक 25/08/022(गुरुवार)

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शीर्षक - गोविंद से बड़ा होता गुरु है


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गोविंद से बड़ा होता गुरु है।

ब्रह्मा, विष्णु , महेश भी गुरु है।।

माँ- बाप सा प्यार देता गुरु है।

जगत की ज्योति होता गुरु है।।

गोविंद से बड़ा---------------।।


नहीं हो घमंड, जिसको किसी का।

अपने ज्ञान, अपने धर्म-जाति का।।

मन से नहीं मैला होता गुरु है।

नेकी की राह पर चलता गुरु है।।

गोविंद से बड़ा------------------।।


शिष्यों में भेदभाव करता नहीं है।

जाति-धर्मों में, नफरत भरता नहीं है।।

इंसानियत की पूजा करता गुरु है।

सभी धर्मों का आदर करता गुरु है।।

गोविंद से बड़ा---------------------।।


लालच नहीं हो जिसको धन का।

जो आईना हो निःस्वार्थ मन का।।

पाखंडी कभी नहीं होता गुरू है।

अंधविश्वास जगत में मिटाता गुरु है।।

गोविंद से बड़ा-----------------------।।


देशभक्ति सिखाता है अपने शिष्यों को।

संस्कार भी सिखाता है अपने शिष्यों को।।

अपना कर्म दिल से करता गुरू है।

रखवाला वतन का भी होता गुरु है।।

गोविंद से बड़ा------------------------।।





शिक्षक एवं साहित्यकार- 

गुरुदीन वर्मा उर्फ जी.आज़ाद

तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)

मोबाईल नम्बर- 9571070847

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