शीर्षक - तुमसे अगर प्यार सच्चा न होता

 दिनाँक 30/07/022(शनिवार)

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शीर्षक -  तुमसे अगर प्यार सच्चा न होता


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कर देता नाम बदनाम तुम्हारा, तुमसे अगर प्यार सच्चा न होता।

कर देता तुमको बर्बाद हाँ मैं, मेरा दिल अगर अच्छा न होता।।

कर देता नाम बदनाम-------------------।।


बताया तो होता खता मेरी क्या है, विश्वास तुमने मेरा जो तोड़ा।

कर देता बेकदर तुमको हाँ मैं, खयाल अगर मेरा अच्छा न होता।।

कर देता नाम बदनाम-------------------।।


बतायेगा यह तो कल वक़्त सबको,अमर नाम किसका होगा कितना।

भर देता तेरी आँखों में ऑंसू , सफर अगर मेरा अच्छा न होता।।

कर देता नाम बदनाम-------------------।।


इसको समझ मत कमजोरी मेरी, झुकाया है सिर जो तुमको मैंने।

भर देता दामन काँटों से तेरा,मतलब अगर मेरा अच्छा न होता।।

कर देता नाम बदनाम------------------।।


मुझको नहीं गम कुछ भी इसका, कि मैं तुमको पा नहीं सका।

अच्छा हुआ हम जुदा हो गए, मकसद तेरा वरना अच्छा न होता।।

कर देता नाम बदनाम-------------------।।






शिक्षक एवं साहित्यकार-

गुरुदीन वर्मा उर्फ जी.आज़ाद

तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)

मोबाईल नम्बर- 9571070847

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