माइक में करंट तो नेता जी के कंठ से निकले शब्द अंड-शंट*

 *तीसरी आँख*

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*माइक में करंट तो नेता जी के कंठ से निकले शब्द अंड-शंट*


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मिर्जापुर। चुनाव में मंच पाते भाषणबाज नेता का मन टँच हो जाता है। लेकिन मंच पर चढ़ते सतर्कता और सजगता भी जरूरी है।


*धत्त तुम्हारी...., अरे साले*

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ऐसा ही एक वाकया हो गया। मंच पर चढ़कर नेताजी गला साफ करने के लिए माइक के पास आए। भाइयों, बहनों संबोधन के तत्काल बाद माइक पकड़ लिया। माइक में करंट था तो आगे 'धत्त, तुम्हारी...' की गली के बाद 'अरे साले' मुंह से निकल गया तो यहीं वाक्य गूंज भी गया। पब्लिक लगी चिल्लाने कि नेता पब्लिक को गाली दे रहा है । तभी मंच पर  कुछ अन्य लोगों ने समझाया कि करंट लगने से अंदर का भाव बल्ब की तरह प्रज्वलित हो गया है लेकिन तब तक जूते-चप्पल स्वागत में उछलकूद करने लगे थे।

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