कविता ॥ मुस्कुरायें ॥
कविता ॥ मुस्कुरायें ॥
रचना ॥ उदय किशोर साह
मो० पो० जयपुर जिला बाँका बिहार
जीवन में सदा मुस्कुराते ही आना
जीवन में सदा मुस्कुराते है जाना
गम जीवन कभी पास ना आये
खुशियों का दामन सदैव थामना
एक हसरत है खुशियाँ जीवन में
बड़ी नेमत है रब का इस जग में
खुशियाँ जिसे यहाँ मिल जाता है
जीवन उसका संवर जाता है
हर गम की दवा खुशी है जीवन में
हर मर्ज की दवा हँसी है इस जग में
खुशियाँ रब की सुन्दरतम सौगात है
मुस्कुराने से नई जोश का बरसात है
हर हाल में इसे जिन्दा है रखना
हर मोड़ पे खुशी का सपना है देखना
खुशियो को आज गले लगाना है
हर पल में जीवन में मुस्कुराना है।
उदय किशोर साह
मो० पो० जयपुर जिला बाँका बिहार
9546115088

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