अधिकारों को पाने हेतु न्यायालय की शरण में भी गए परन्तु कुछ विशेष हासिल नहीं हुआ।

सन् १९४८ में भारत-पाकिस्तान के बँटवारे के उपरान्त १९४८ से १९५२ तक भारत आए सिखों को तत्कालीन सरकार द्वारा ज़मीनें आबंटित कर इनके पुनर्वास की व्यवस्था की गई थी परन्तु आबंटित ज़मीनों पर सरकार द्वारा अभी तक उन्हें उनका मालिकाना हक़ नहीं दिया गया एवं समय समय पर क्षेत्रीय प्रशासन के ज़रिए इनके ख़िलाफ़ कुचक्र रच कर ज़मीन से बेदख़ल करने के प्रयास किए जाते रहे हैं। इनमें से कई लोग अपने अधिकारों को पाने हेतु न्यायालय की शरण में भी गए परन्तु कुछ विशेष हासिल नहीं हुआ। विगत कुछ माह से सरकार द्वारा पुन: इन सिख परिवारों से इनकी ज़मीन छीन कर बेदख़ल किए जाने का प्रयास शुरूआत चुका है। *आम आदमी पार्टी* की पंजाब इकाई ने इस विषय का संज्ञान लेते हुए विस्थापित सिख समुदाय को उनका हक़ दिलाने के लिए एक टीम गठित कर आज बिजनौर जनपद में भेजा गया। ज्ञात हो कि बिजनौर जनपद की बढ़ापुर विधानसभा में गंगा के खादर क्षेत्र में बसे लगभग २८ ग्रामों में ऐसे हज़ारों परिवार हैं जो आज भी उनकी ज़मीनों के मालिकाना हक़ मिलने की बाट जोह रहे हैं। इसी क्रम में पंजाब से *विधायक एवं नेता प्रतिपक्ष सरदार हरपाल सिंह चीमा, विधायक एवं किसान मोर्चा प्रभारी सरदार हरचंद सिंह बरसत, विधायक कोटपुर सरदार कुलतार सिंह, प्रवक्ता “आप” पंजाब श्री गोविन्दर मित्तल* आदि ने जनपद बिजनौर के ग्राम *चम्पतपुर चकला* में सिख किसानों के साथ मिलकर उनकी समस्या की संपूर्ण जानकारी हासिल की तथा किसानों को उनकी इस लड़ाई में उनका पूर्ण सहयोग करते हुए इस लड़ाई को निर्णय तक पहुँचाने के लिए आश्वस्त किया। इस मौक़े पर  *आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश सह प्रभारी श्री निर्मल मिश्रा एवं  प्रदेश सचिव श्री राजीव सिंह एडवोकेट सहित श्री विवेक चौधरी, राजेन्द्र सिंह, इन्जीनियर फैसल ज़ैदी , मो आरिफ, जगदीप सिंह औलख, मो अरबाज, अफजलगढ़ कोऑपरेटिव सोसाइटी के चेयरमैन श्री  गुरविन्दर सिंह, श्री  हरजीत सिंह, मो. एहतमाम* आदि शामिल रहे।

Comments

Popular posts from this blog

पुस्तक समीक्षा " काव्य साधना "

युवती को अगवा करने वालो के विरुद्ध हुआ मुकदमा दर्ज

किसान आंदोलन में शहीद किसानों को श्रद्धांजलि।